mohini
Saturday, November 27, 2010
माँ
यू चले जाना तुम्हारा असमय
मुझे तन्हा कर कर गया
उठा जब मेरे सर से पिता का साया
तो उस दिन मैं अनाथ हुई थी
लेकिन आज तुम्हारा यू चले जाना
मुझे अकेला कर गया
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