Saturday, November 27, 2010

यू जाना तुम्हारा


है सब कुछ आज मेरे पास
पर कुछ कमी सी है
तुम्हारे बगैर मेरी यह जिंदगी
एक दम अधूरी सी है
वो रोज रात को
साथ साथ सोना हमारा
और सोते हुए
एक दुसरे को धकेलना
हर रात को
तुम्हारे न होने का
एहसास कराता है
अब ये खाली बिस्तर
मुझे कचोटता है
और पूरी रात
आँखों में ही कट जाती है
माँ तुम यू अचानक चली जाओगी
और मुझे इस संसार में
अकेला छोड़ जाओगी
इस बात का मुझे एहसास न था

No comments:

Post a Comment