
लाशो का शहर निराला होता है
भरी भीड़ हर कोई वह अकेला होता है
शमशान है जीवन का अंतिम पड़ाव
बावजूद उसके उस शहर से
लोगो का फासला गहरा होता है
जलती है एक साथ कई चिताए
लेकिन फिर भी
वहा हर कोई अकेला होता है
पहुच गए हम भी एक दिन जीते जी
लाशो के उस शहर में
और महसूस किया
कि यही है जीवन का अंतिम सत्य
इसका न कोई दूसरा हवाला होता है
लाशो का शहर निराला होता है
भरी भीड़ में हर कोई वहा अकेला होता है
No comments:
Post a Comment