Friday, November 19, 2010

एक शहर शमशान


लाशो का शहर निराला होता है
भरी भीड़ हर कोई वह अकेला होता है
शमशान है जीवन का अंतिम पड़ाव
बावजूद उसके उस शहर से
लोगो का फासला गहरा होता है
जलती है एक साथ कई चिताए
लेकिन फिर भी
वहा हर कोई अकेला होता है
पहुच गए हम भी एक दिन जीते जी
लाशो के उस शहर में
और महसूस किया
कि यही है जीवन का अंतिम सत्य
इसका न कोई दूसरा हवाला होता है
लाशो का शहर निराला होता है
भरी भीड़ में हर कोई वहा अकेला होता है

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